सांसद का भाजपा पर प्रहार, बोले– बोलने की आज़ादी पर भरोसा नहीं
हरियाणा के जींद में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिसार से सांसद जयप्रकाश ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में प्रजातंत्र पर लोगों का विश्वास कमजोर होता जा रहा है। उनका यह बयान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
जयप्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत विचारों को खुलकर रखने की आज़ादी होती है, लेकिन आज हालात ऐसे बन गए हैं कि बोलने वालों पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि देश में ऐसा कौन है, जो प्रधानमंत्री को बोलने से रोक सकता है, फिर भी संवाद और जवाबदेही का अभाव नजर आता है।
सांसद ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछना और जवाब देना दोनों जरूरी हैं। यदि सवालों से बचा जाए या उन्हें दबाने की कोशिश की जाए, तो इससे लोकतंत्र कमजोर होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष आलोचनाओं को सहन करने के बजाय उन्हें अनदेखा करने की नीति अपना रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने सांसद के बयान पर तालियां बजाकर समर्थन जताया। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि ऐसे बयानों से राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो सकता है। जयप्रकाश ने अपने संबोधन में युवाओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों को समझें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही की प्रक्रिया है। यदि इन मूल तत्वों को कमजोर किया गया, तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा।
जयप्रकाश के इस बयान को आगामी राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे बयान और तेज हो सकते हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है।
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