इतिहास अतीत का अध्याय ही नहीं बल्कि भविष्य का आईना भी : हसन अंसारी

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रांची : ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी तथा 1857 की क्रांति के महानायक अमर शहीद टिकैत उमरांव सिंह और शेख भिखारी की संघर्ष गाथा प्रदेशवासियों को सदा प्रेरित करती रहेगी। युवा पीढ़ी झारखंड के वीर शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेकर एक नए झारखंड को गढ़ने का कार्य करे, यही समय की मांग है और राज्य की मौजूदा जरुरत भी। रविवार को ये बातें आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं झारखंड आंदोलनकारी हसन अंसारी ने शेख भिखारी एवं टिकैत उमरांव सिंह के शहादत दिवस पर ओरमांझी में उनकी प्रतिमा तथा रांची स्थित आजसू पार्टी केंद्रीय कार्यालय में उनके छायचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि इतिहास अतीत का अध्याय ही नहीं बल्कि भविष्य का आईना भी होता है। इतिहासकारों ने झारखंड के नायकों को इतिहास के पन्नों में वह जगह नहीं दिया, जिसके वे असली हकदार थे। अंग्रेजी शासन और जुल्म, शोषण और दमन के खिलाफ तथा अपनी धरती और अस्मिता की खातिर विद्रोह का चिराग जलाने वाले शहीदों की शौर्य गाथा का इतिहास में आंशिक तौर पर उल्लेख किया गया है। ऐसे में वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी और बड़ी हो जाती है। वीर शहीदों के शौर्य एवं बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की तथा इतिहास को फिर से लिखने की जिम्मेदारी।इस दौरान आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव राजेन्द्र मेहता, रांची जिलाध्यक्ष संजय महतो, हटिया विधानसभा प्रभारी भरतकांशी साहू, नुरुल होदा, रामधन बेदिया, दिगंबर महतो, सरिता देवी, लक्ष्मी महतो, प्रकाश चौधरी सहित आजसू पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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