अस्पताल परिसरों से लेकर आवास तक जांच, वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले
Rohtak में आयकर विभाग की टीम ने दो निजी अस्पतालों में छापेमारी कर वित्तीय दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। कार्रवाई दोपहर के समय शुरू हुई, जब अधिकारी अचानक अस्पताल परिसरों में पहुंचे और लेखा-जोखा, बिलिंग रिकॉर्ड व अन्य दस्तावेजों को खंगालना शुरू किया।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान ओपीडी और आईपीडी से जुड़े रजिस्टर, कैश बुक, डिजिटल डेटा और बैंक लेन-देन से संबंधित फाइलें जब्त की गईं। अधिकारियों ने कंप्यूटर सिस्टम और सर्वर से भी डेटा सुरक्षित किया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और आय-व्यय में संभावित विसंगतियों के आधार पर की गई।
देर शाम तक अस्पतालों में जांच जारी रही। इसके बाद टीम संबंधित संचालकों के आवास पर भी पहुंची, जहां देर रात तक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। आयकर विभाग की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विस्तृत मूल्यांकन के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस कार्रवाई से शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों सहित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और आयकर नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किसी प्रकार की कर अनियमितता सामने आती है या नहीं।
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