दिल्ली एयरपोर्ट ने सलाह जारी की — परिचालन धीरे-धीरे बहाल हो रहा है; सरकार ने नियामक कदम उठाए
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के परिचालन में इस सप्ताह आई गंभीर खलल का असर आज भी जारी रहा। एयरलाइंस के भारी कटबैक और क्रू-शॉर्टेज के चलते मुंबई और दिल्ली समेत कई एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों उड़ानें रद्द की गईं — मुंबई पर 109 और दिल्ली पर 86 रद्द उड़ानों की रिपोर्ट मिली है, जिससे हजारों यात्री अटके हुए हैं।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (दिल्ली) ने एक पब्लिक एडवाइजरी जारी कर बताया कि इंडिगो परिचालन “धीरे-धीरे बहाल” हो रहा है, पर यात्रियों से घर निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति ऑनलाइन या एयरलाइन से चेक करने का कहा गया है। इस चेतावनी के बाद भी कई यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी कतारों और असमंजस का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है — नियामक निर्देश जारी कर कहा गया है कि एयरलाइन्स को निर्धारित किराया सीमाओं का पालन करना होगा ताकि अटकी हुई मांग के बीच किराये मनमाने तरीके से न बढ़ें। साथ ही इंडिगो को भी प्रभावित यात्रियों के रिफंड और बैगेज डिलीवरी जैसी जिम्मेदारियों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इंडिगो के सीईओ ने कंपनी की तरफ से माफी जताई है और परिचालन सामान्य होने की उम्मीद जताई है; उनकी उम्मीद है कि सेवाएँ पूर्ण रूप से स्थिर होने में कुछ दिन लग सकते हैं (10–15 दिसंबर के बीच)।与此同时, यात्रियों और उपभोक्ता समूहों ने एयरलाइन और नियामक से तेज़ी से प्रभावी राहत की मांग की है।
परिणामस्वरूप, कई यात्रियों को तत्काल विकल्प न मिल पाने के कारण ट्रेन या सड़क मार्ग अपनाना पड़ा, टिकटों के दाम बढ़ने की शिकायतें सामने आईं, और हवाई अड्डों पर उपभोक्ता सहायता काउंटरों पर भारी दबाव बना हुआ है। यात्रियों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प अभी यह है कि वे अपनी बुकिंग-स्टेटस की पुष्टिकरण ही लेकर घर से निकलें और रिफंड/री-शेड्यूलिंग के अधिकारों के बारे में एयरलाइन से लिखित पुष्टि रखें।
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