वरिष्ठ नौकरशाह से हाई-प्रोफाइल जांच, प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल

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IPS case probe

राजधानी स्थित दफ्तर में विशेष जांच दल की लंबी बैठक, रिकॉर्ड और फाइलें खंगाली गईं

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की संदिग्ध मृत्यु से जुड़े मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। इस सिलसिले में गठित विशेष जांच दल ने राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी से गहन बातचीत की। यह प्रक्रिया चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में पूरी की गई, जहां टीम लगभग एक घंटे तक मौजूद रही। इस दौरान कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई और मामले से जुड़े दस्तावेज भी मांगे गए।
सूत्रों के अनुसार, जांच दल का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली, पूर्व में हुई बैठकों और फाइल मूवमेंट से जुड़े सवाल उठाए। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले किन परिस्थितियों और निर्णयों ने भूमिका निभाई। पूछताछ का उद्देश्य तथ्यों को क्रमवार समझना और किसी भी तरह की चूक या दबाव के पहलू को स्पष्ट करना बताया जा रहा है।
सचिवालय में हुई इस कार्रवाई को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि मामला एक उच्च रैंक के अधिकारी से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने संबंधित विभागों से पत्राचार, नोटशीट्स और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों के विश्लेषण से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस प्रकरण ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी चिंता बढ़ा दी है। अधिकारी वर्ग इस बात पर नजर बनाए हुए है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। वहीं, जांच दल का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर सच्चाई सामने आ सके।
घटना के बाद से ही कई सवाल उठ रहे थे, जिनमें कार्यस्थल का दबाव, पेशेवर विवाद और व्यक्तिगत परिस्थितियां शामिल हैं। अब जांच एजेंसी इन सभी पहलुओं को जोड़कर एक समग्र तस्वीर तैयार करने में जुटी है। आने वाले दिनों में और अधिकारियों से भी बातचीत की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम को राज्य की सबसे अहम जांचों में से एक माना जा रहा है।

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