इटली वर्क परमिट के नाम पर 15 लाख की धोखाधड़ी, मकान बेचकर बेटे को भेजा विदेश
हरियाणा के यमुनानगर जिले में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इटली में वर्क परमिट और रोजगार दिलाने के नाम पर एक परिवार को इस कदर भरोसे में लिया गया कि उन्होंने अपने बेटे का भविष्य संवारने के लिए मकान तक बेच दिया और गहने गिरवी रख दिए। लेकिन विदेश पहुंचने के बाद न तो वादा किया गया काम मिला और न ही वर्क परमिट से जुड़ी सुविधाएं।
पीड़ित परिवार के अनुसार, कुछ समय पहले एजेंट ने इटली में अच्छी नौकरी और स्थायी वर्क परमिट का लालच दिया था। उसने भरोसा दिलाया कि बेटा विदेश जाकर जल्द ही कमाई शुरू कर देगा और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। एजेंट की बातों में आकर परिवार ने रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए, गहने गिरवी रखे और मकान बेचकर करीब 15 लाख रुपये जुटाए।
बेटे को इटली भेजने के बाद सच्चाई सामने आई। वहां न तो उसे कोई तय नौकरी मिली और न ही वैसा वर्क परमिट जैसा एजेंट ने बताया था। कुछ समय तक बेटे को अस्थायी और कम वेतन वाले काम करने पड़े, जबकि कई बार उसे बेरोजगार भी रहना पड़ा। परेशान होकर परिवार ने एजेंट से संपर्क किया, लेकिन उसने फोन उठाना बंद कर दिया।
परिवार का कहना है कि उनकी जीवनभर की जमा पूंजी खत्म हो गई और अब वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बेटे को भी मजबूरी में वापस लौटने की नौबत आ गई है। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है, जिसके बाद एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल सरकारी तौर पर पंजीकृत और अधिकृत एजेंटों के माध्यम से ही विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी करें। किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी पूरी जानकारी और दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
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