झज्जर मामले में पुलिस वर्जन पर सवाल, मुख्यमंत्री को सौंपे गए दृश्य साक्ष्य
हरियाणा के झज्जर में हुई पुलिस मुठभेड़ को लेकर विवाद और गहरा गया है। इस प्रकरण में 21 खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात कर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। पंचायतों ने दावा किया कि मुठभेड़ की आधिकारिक कहानी में कई खामियां हैं और इसे लेकर उन्होंने कुल 13 सवाल उठाए हैं। अपनी बात को मजबूत करने के लिए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सीसीटीवी फुटेज भी सौंपी है।
खाप पंचायतों का कहना है कि घटनाक्रम को लेकर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी और जमीनी हकीकत में फर्क नजर आता है। पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मुठभेड़ के समय और तरीके को लेकर स्पष्टता नहीं है। उनका कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के तहत हुआ है, तो स्वतंत्र जांच से पीछे हटने का कोई कारण नहीं होना चाहिए। पंचायतों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी बना रहेगा।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए 13 सवालों में मुठभेड़ की परिस्थितियां, समय, पुलिस की तैनाती और कार्रवाई की प्रक्रिया जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं। पंचायतों का दावा है कि उनके पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज पुलिस के बयान से मेल नहीं खाता, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच जरूरी है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि मामले में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और यदि जांच में कोई भी दोष सामने आता है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायतों द्वारा सौंपे गए साक्ष्यों को जांच एजेंसियों के समक्ष रखा जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार, खाप पंचायतों का एकजुट होकर सामने आना इस मामले को और संवेदनशील बना देता है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि झज्जर एनकाउंटर की सच्चाई किस दिशा में जाती है।
![]()











