तेज ओलावृष्टि और हवाओं से फसलों पर खतरा, ग्रामीण इलाकों में बढ़ी ठंड
हरियाणा के झज्जर जिले में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर ओले गिरने से जमीन सफेद नजर आई, जिससे सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि इस समय सरसों की फसल फूल और दाने बनने की अवस्था में है। ऐसे में ओलों की मार से फूल झड़ने और पौधों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं मटर, आलू, गोभी और अन्य सब्जियों की फसलें भी तेज बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हो सकती हैं। खेतों में पानी भरने की स्थिति बनने से फसलों की जड़ों को नुकसान पहुंचने का डर भी बना हुआ है।
तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने तापमान में भी गिरावट ला दी है। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को अचानक बढ़ी ठिठुरन का सामना करना पड़ा। शाम के समय खुले इलाकों में चलना मुश्किल हो गया और ग्रामीणों ने अलाव व गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया। मौसम के इस बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को भी प्रभावित किया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से इस तरह की स्थिति बनी है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर बढ़ेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और फसलों की स्थिति पर नजर बनाए रखें।
किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसलों की स्थिति का जायजा लेने की तैयारी में हैं। यह मौसमीय घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बदलते मौसम के कारण खेती पर जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है और किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
![]()











