फर्जी जांच एजेंसी बनाकर ठगों ने युवती को फंसाया, सालभर भटकती रही पीड़िता
हरियाणा के जींद जिले में एक युवती के साथ गंभीर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर उसे दो दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। कॉल और वीडियो कॉल के जरिए उसे यह विश्वास दिलाया गया कि उसका नाम किसी अवैध मामले में जुड़ चुका है और जांच के लिए उसे सहयोग करना होगा।
आरोपियों ने युवती को कथित पूछताछ के नाम पर लगातार संपर्क में रखा और उसे घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी। इस दौरान उसे डराया गया कि यदि उसने किसी को जानकारी दी तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ठगों ने कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उससे निजी जानकारियां और बैंक से जुड़ी सूचनाएं हासिल करने की कोशिश की।
पीड़िता ने बाद में परिवार को पूरी बात बताई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस से शिकायत की गई। हालांकि, कार्रवाई में देरी होने के कारण युवती को लगभग एक साल तक थाने और संबंधित दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। परिजनों का आरोप है कि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते तो आरोपियों तक पहुंच आसान हो सकती थी।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जहां अपराधी खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को मानसिक दबाव में लेते हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
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