तीन लाख रुपये तक का बैंक ऋण, ब्याज की प्रतिपूर्ति करेगी महिला विकास निगम : डीसी
जींद : महिलाओं को सशक्त, स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक विधवा अनुदान योजना महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह जानकारी उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा ने दी।
डीसी ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से विधवा अनुदान योजना के तहत पात्र महिलाओं को बैंक के माध्यम से तीन लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के अंतर्गत बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज की प्रतिपूर्ति महिला विकास निगम द्वारा की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ वही विधवा महिलाएं उठा सकती हैं जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो तथा पारिवारिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम हो। महिला हरियाणा की स्थायी निवासी हो और किसी भी बैंक ऋण में डिफाल्टर न हो।
डीसी ने कहा कि विधवा अनुदान योजना महिलाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है। इस योजना के तहत महिलाएं डेयरी, ऑटो व ई-रिक्शा, सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, पापड़ व अचार निर्माण, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, टिफिन सर्विस, स्कूल यूनिफॉर्म सिलाई सहित अन्य गतिविधियां शुरू कर सकती हैं। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि वे अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी।
ये दस्तावेज होंगे अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र के साथ राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, निवास प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, प्रशिक्षण व अनुभव प्रमाण पत्र सहित सभी दस्तावेजों की दो-दो प्रतियां जमा करानी होंगी। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हरियाणा महिला विकास निगम कार्यालय, जींद (दालमवाला होटल के पीछे) संपर्क किया जा सकता है।
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