बैंकिंग सेवाओं पर असर की चेतावनी, कैथल में कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

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Kaithal Bank Strike

सरकारी बैंकों के कर्मियों ने अवकाश मांग को लेकर किया कामकाज ठप

हरियाणा के कैथल जिले में सरकारी बैंकों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की, जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और मानसिक दबाव के बीच उन्हें पर्याप्त अवकाश नहीं मिल पा रहा है। इसी के चलते उन्होंने दो दिन की अतिरिक्त छुट्टी की मांग उठाई है।

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारी शाखाओं के बाहर एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में स्टाफ की कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। डिजिटल बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और ग्राहकों की बढ़ती संख्या के चलते कार्यदिवस के साथ-साथ अवकाश के दिनों में भी काम करना पड़ता है।

कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल छुट्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्य–जीवन संतुलन से जुड़ा मुद्दा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कर्मचारियों को राहत नहीं दी गई, तो इसका असर न केवल कर्मचारियों की सेहत पर पड़ेगा बल्कि बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।

हड़ताल के कारण कैथल जिले में कई बैंकों में नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस और अन्य नियमित सेवाएं बाधित रहीं। ग्राहकों को बैंक शाखाओं से बिना काम निपटाए लौटना पड़ा। हालांकि एटीएम और ऑनलाइन सेवाएं चालू रहीं, जिससे कुछ हद तक राहत मिली।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी दो दिन की छुट्टी की मांग को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन रूप दिया जा सकता है। इससे बैंकिंग व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं बैंक प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है।

यह हड़ताल एक बार फिर यह दर्शाती है कि बैंकिंग सेक्टर में कार्यभार, स्टाफ की कमी और कर्मचारियों की सुविधाओं को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रबंधन और सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।

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