30 लाख के बिल क्लियर करने के लिए 30 हजार की डिमांड, ठेकेदार की शिकायत पर कार्रवाई
कैथल में कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट स्तर के अधिकारी सहित तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि लगभग 30 लाख रुपये के लंबित बिलों को पारित करने के बदले 30 हजार रुपये की अवैध मांग की गई थी।
शिकायतकर्ता ठेकेदार का कहना है कि उसने विभाग के लिए कार्य पूरा कर आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे, लेकिन भुगतान स्वीकृति जानबूझकर रोकी जा रही थी। उसके अनुसार, संबंधित कर्मचारियों ने फाइल आगे बढ़ाने और बिल पास करने के लिए नकद राशि की मांग की।
मामले की सूचना संबंधित एजेंसी को दी गई, जिसके बाद प्रारंभिक जांच की गई। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए डिप्टी सुपरिंटेंडेंट और दो अन्य कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और दस्तावेजी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि पूरे लेनदेन से जुड़े डिजिटल और कागजी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम से सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
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