किसान की सफलता की कहानी: सब्जी पैकिंग यूनिट से 25 लोगों को रोजगार

57
Kaithal farmer success
Kaithal farmer success

30 एकड़ में आधुनिक खेती, सालाना 10 लाख की कमाई

कैथल जिले के एक युवा और नवाचारप्रिय किसान ने आधुनिक खेती और मार्केट-ओरिएंटेड पैकिंग सिस्टम के दम पर मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी 30 एकड़ भूमि पर पारंपरिक खेती से हटकर सब्जियों की वैज्ञानिक तरीके से खेती शुरू की। आज उनकी पैकिंग यूनिट के माध्यम से न सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियां तैयार होती हैं बल्कि स्थानीय स्तर पर 25 ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी मिला हुआ है।

किसान का कहना है कि पहले वे गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर थे, लेकिन इससे आय सीमित रहती थी। जब उन्होंने मार्केट की जरूरतों को समझा और सब्जियों की मांग का आकलन किया, तो उन्होंने टमाटर, भिंडी, गाजर, खीरा, गोभी, शिमला मिर्च जैसी सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती शुरू की। उनकी खासियत है पैकिंग का सिस्टेमैटिक तरीका, जिसमें सब्जियों को ग्रेडिंग, वॉशिंग और पॉलिथीन पैकिंग के बाद ट्रांसपोर्ट के लिए तैयार किया जाता है।

इस यूनिट से तैयार सब्जियों की सप्लाई दिल्ली की आजादपुर मंडी, हरियाणा के प्रमुख बाजार, और राजस्थान के कोटा व जयपुर तक की जा रही है। गुणवत्तापरक सप्लाई और समय पर डिलीवरी के कारण इनकी सब्जियों की मांग लगातार बढ़ रही है। किसान के अनुसार पैकिंग यूनिट उनकी कमाई का मुख्य आधार बन गई है और इससे सालाना लगभग 10 लाख रुपये की शुद्ध आय हो रही है।

किसान बताते हैं कि आधुनिक उपकरणों, ड्रिप सिंचाई और जैविक पोषक तत्वों के उपयोग से लागत कम हुई और उत्पादन में स्थायी बढ़ोतरी मिली। उन्होंने स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग देकर पैकिंग, छंटाई और ट्रांसपोर्ट प्रबंधन में लगाया है, जिससे गांव के कई परिवारों को स्थायी आजीविका मिली है।

कृषि विभाग के अधिकारी भी इस मॉडल की सराहना कर रहे हैं और इसे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक मान रहे हैं। किसान का लक्ष्य आगामी वर्षों में यूनिट का विस्तार कर सब्जियों को विदेशी मार्केट तक पहुंचाना है।

Loading