हरियाणा के कैथल की अनाज मंडी में इस समय गेहूं की भारी आमद देखने को मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार, मंडी में अब तक करीब 6 लाख क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है, लेकिन उठान की धीमी प्रक्रिया के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि मंडी में अनाज रखने के लिए जगह तक नहीं बची है। मजबूरी में किसान अपना गेहूं सड़कों के किनारे और कच्चे स्थानों पर डालने को मजबूर हैं। इससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है, खासकर अगर मौसम खराब होता है तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी में बैठे हैं, लेकिन उठान न होने के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां समय पर व्यवस्था नहीं कर पा रही हैं, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
मंडी में भीड़ बढ़ने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति बन रही है। वहीं, मजदूरों और ट्रांसपोर्ट की कमी भी उठान में देरी का एक बड़ा कारण बताई जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उठान प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी फसल को सुरक्षित तरीके से खरीदा जाएगा।
यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चुनौती से कैसे निपटता है और किसानों को कब राहत मिलती है।
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