रिंग रोड पर सर्विस लेन की मांग को लेकर अड़े किसान, NHAI पर वादे से मुकरने का आरोप
हरियाणा के करनाल जिले में रिंग रोड से जुड़ी मांगों को लेकर किसानों का धरना तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। किसानों की मुख्य मांग रिंग रोड के साथ सर्विस लेन बनाए जाने की है, ताकि खेतों, गांवों और स्थानीय रास्तों तक सुगम आवाजाही बनी रहे। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पहले सर्विस लेन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब उस वादे से पीछे हट रहा है।
धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि रिंग रोड बनने से उनके खेतों तक पहुंचने के रास्ते बाधित हो गए हैं। सर्विस लेन न होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय, ईंधन और लागत तीनों बढ़ रहे हैं। किसानों का तर्क है कि यह समस्या केवल उनकी खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने NHAI पर जनहित की अनदेखी करने और स्थानीय जरूरतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। किसानों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
धरने के चलते प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से किसानों से बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
किसानों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी आजीविका और सुविधाओं से समझौता नहीं किया जा सकता। वे रिंग रोड परियोजना के विरोध में नहीं हैं, बल्कि केवल सर्विस लेन जैसी बुनियादी सुविधा की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और NHAI इस आंदोलन को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।
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