सरकारी कार्रवाई रोकने की धमकियों से तनाव
करनाल में एक्साइज विभाग की टीम पर हुए हमले ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, एक्साइज डिपार्टमेंट की टीम क्षेत्र में नियमित जांच अभियान चला रही थी। इस दौरान एक युवक ने टीम के काम में दखल देते हुए न केवल मारपीट की बल्कि सरकारी कार्य में खुली बाधा डालते हुए उन्हें धमकियां भी दीं। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि युवक ने खुद को जज का चपरासी बताते हुए दबाव बनाने की कोशिश की और विभागीय कार्रवाई रोकने के लिए जोर-जबर्दस्ती की।
घटना के समय विभागीय अधिकारी वाहन और दुकानों की जांच कर रहे थे। अचानक आरोपी ने टीम के साथ बहसबाजी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। टीम के सदस्यों के अनुसार आरोपी ने अपने प्रभाव का हवाला देकर चेतावनी दी कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए और सरकारी सीलिंग प्रक्रिया रोक दी जाए। अधिकारियों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी और वीडियो भी साक्ष्य के रूप में सौंपा।
पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और धमकी देने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चाहे आरोपी का पद या परिचय कुछ भी हो, सरकारी कार्रवाई में बाधा डालना गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आगे की पूछताछ जारी है और आरोपी के वास्तविक परिचय एवं संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
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