SIT रिपोर्ट के बाद हड़कंप, देर रात हुई गिरफ्तारी से मचा प्रशासनिक भूचाल
हरियाणा के करनाल में सामने आए धान घोटाले ने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी देर रात उनके आवासों से की गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया। माना जा रहा है कि इस घोटाले में करोड़ों रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
जानकारी के मुताबिक धान की खरीद, स्टोरेज और भुगतान प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई थीं। किसानों के नाम पर फर्जी एंट्री, रिकॉर्ड में हेरफेर और धान की मात्रा को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने जैसे गंभीर आरोपों की जांच SIT को सौंपी गई थी। लंबी जांच के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कई सरकारी अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
SIT रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू की। देर रात अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर पांच अधिकारियों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार अधिकारियों में खरीद एजेंसियों और संबंधित विभागों से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं, जिन पर मिलीभगत कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह साफ हो चुका है कि घोटाला योजनाबद्ध तरीके से किया गया। कुछ बिचौलियों और निजी लोगों की भूमिका भी शक के घेरे में है, जिनकी जांच अभी जारी है। गिरफ्तार अधिकारियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इस मामले के सामने आने के बाद किसानों में भी रोष है। उनका कहना है कि जहां एक ओर उन्हें भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर अधिकारी और माफिया मिलकर करोड़ों का खेल कर जाते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
करनाल धान घोटाला अब सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसकी कड़ियां अन्य इलाकों से भी जुड़ सकती हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
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