करनाल धान घोटाले में बड़ा मोड़, चार सरकारी अफसरों की रिमांड अवधि समाप्त

9
Karnal Paddy Scam

आज अदालत में पेश होंगे आरोपी अधिकारी, जांच की आंच आढ़तियों और राइस मिलरों तक पहुंचने के संकेत

हरियाणा के करनाल जिले में सामने आए बहुचर्चित धान घोटाले की जांच एक अहम चरण में पहुंच गई है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार सरकारी अधिकारियों की पुलिस रिमांड अवधि पूरी हो चुकी है और आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों ने कई अहम जानकारियां जुटाई हैं, जिससे इस घोटाले के नेटवर्क का दायरा और बड़ा नजर आने लगा है।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में खरीद, भंडारण और मिलिंग से जुड़े रिकॉर्ड में भारी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि सरकारी सिस्टम के भीतर रहते हुए योजनाबद्ध तरीके से धान की खरीद और उठान में हेराफेरी की गई। फर्जी एंट्री, स्टॉक में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी कर बड़े स्तर पर आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।

जांच की दिशा अब केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही। पुलिस और विजिलेंस एजेंसियां आढ़तियों, राइस मिल मालिकों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को भी खंगाल रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम पूछताछ में सामने आए हैं, जिससे संबंधित वर्गों में बेचैनी बढ़ गई है।

आज की कोर्ट पेशी के दौरान पुलिस आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग कर सकती है। वहीं, जांच एजेंसियां आगे की पूछताछ के लिए नए सिरे से रणनीति तैयार कर रही हैं। दस्तावेजों की जांच, बैंक लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में लाया गया है।

धान घोटाले का मामला सामने आने के बाद जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज है। सरकार की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।

इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश की अनाज खरीद व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Loading