बाईपास परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, तीन रूट प्रस्तावित

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Kurukshetra Bypass

सर्वेक्षण पूरा, 152D से मथाना तक फोरलेन मार्ग की योजना

Kurukshetra में प्रस्तावित बाईपास परियोजना को लेकर अहम प्रगति हुई है। National Highways Authority of India (NHAI) ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर सरकार को सौंप दी है। सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद अब आगे की स्वीकृति और बजट प्रक्रिया पर नजर टिकी है।

सूत्रों के अनुसार, परियोजना के लिए तीन अलग-अलग रूट विकल्प सरकार के समक्ष रखे गए हैं। इनमें से प्रारंभिक चरण में 152D हाईवे से मथाना तक फोरलेन सड़क विकसित करने का प्रस्ताव प्रमुख माना जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण से शहर के भीतर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

वर्तमान में भारी वाहन और बाहरी ट्रैफिक शहर से होकर गुजरता है, जिससे जाम और प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। बाईपास बनने से लंबी दूरी के वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और लागत निर्धारण जैसे चरण शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रूट का चयन तकनीकी व सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों ने इस योजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि बाईपास बनने से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

अब सरकार की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ तो आने वाले वर्षों में कुरुक्षेत्र को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिल सकती है।

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