शहर को जाम से राहत देने की तैयारी, नए बाईपास के तीन विकल्प तैयार

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Kurukshetra bypass project

35 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा प्रस्तावित मार्ग, मंजूरी का इंतजार

शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित बाईपास परियोजना को लेकर नई प्रगति सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए तीन अलग-अलग विकल्प तैयार किए हैं और उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सरकार को भेज दी गई है। अब अंतिम निर्णय के लिए मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित बाईपास उत्तर-दक्षिण दिशा में बनाया जाएगा और इसकी लंबाई 35 किलोमीटर से अधिक हो सकती है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों और बाहरी ट्रैफिक को शहर से बाहर डायवर्ट करना है, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके।

वर्तमान समय में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर हाईवे से आने-जाने वाले भारी वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं, जिसके कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बन जाती है। बाईपास बनने के बाद इन वाहनों को सीधे वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।

बताया जा रहा है कि तीनों विकल्पों में अलग-अलग रूट प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि भूमि अधिग्रहण, लागत और यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त मार्ग का चयन किया जा सके। इन विकल्पों का तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा।

परियोजना के तहत बनने वाला बाईपास आसपास के कई इलाकों को भी जोड़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है। इसके अलावा भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को भी ध्यान में रखते हुए सड़क को पर्याप्त चौड़ाई के साथ विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के अगले चरणों पर काम शुरू किया जाएगा। इसमें भूमि अधिग्रहण, निर्माण कार्य और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल होंगी।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि बाईपास बनने से शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा।

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