बीजेपी नेता की मौजूदगी में हवाई फायरिंग, चार दिन बीते—आरोपी अब तक बाहर
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना को लेकर अब सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि कथित तौर पर बीजेपी नेता की मौजूदगी में हवाई फायरिंग की गई थी। घटना को चार दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान अचानक फायरिंग की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार का इस्तेमाल किए जाने को लेकर लोगों में नाराजगी है।
इस बीच चर्चा है कि मामले को आपसी समझौते के जरिए सुलझाने की कोशिशें चल रही हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ प्रभावशाली लोगों के बीच बातचीत होने की बातें सामने आ रही हैं। इन्हीं चर्चाओं के चलते पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर संदेह जताया जा रहा है।
पुलिस की ओर से हालांकि किसी भी तरह के दबाव या समझौते की बात से इनकार किया गया है। संबंधित थाने के SHO ने बताया कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। SHO के मुताबिक संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो जाता है, तो कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। उन्होंने मांग की है कि कानून के तहत निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुलेआम फायरिंग की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं। यदि ऐसे मामलों में समय पर गिरफ्तारी न हो, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। अब सभी की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाता है या मामला केवल समझौते तक सीमित रह जाता है।
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