ऑस्ट्रेलिया स्टडी-वीजा का झांसा, ठेकेदार व एजेंट पर मिलीभगत के आरोप
Kurukshetra में एक छात्र से विदेश में पढ़ाई के नाम पर 33 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि एक शराब ठेकेदार और एक ट्रैवल एजेंट ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया में स्टडी-वीजा दिलाने का झांसा दिया। भरोसा दिलाया गया कि सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर छात्र को जल्द ही रवाना कर दिया जाएगा।
परिजनों के अनुसार बेटे के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद में उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी और किस्तों में पूरी रकम आरोपियों को सौंप दी। शुरुआत में दस्तावेज तैयार कराने और आवेदन प्रक्रिया की बातें कही गईं, लेकिन समय बीतने के बावजूद वीजा की कोई पुष्टि नहीं हुई। बाद में जब परिवार ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी।
जांच में सामने आया कि जिस विश्वविद्यालय और कोर्स का हवाला दिया गया था, उसकी कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं मिल सकी। मामला उजागर होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि लेन-देन से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि आरोप साबित होते हैं तो धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना युवाओं में विदेश में पढ़ाई के बढ़ते रुझान के बीच सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी एजेंट के माध्यम से आवेदन करने से पहले उसकी वैधता, पंजीकरण और संस्थान की प्रामाणिकता की पूरी जांच कर लें।
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