कुशवाहा पार्टी में रहना चाहते हैं तो भी ठीक है और कहीं जाना चाहते तो भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं है : नीतीश कुमार

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राजनीति में सब की अपनी ख्वाहिश होती है। कोई आए, कोई जाए, यह लोगों की अपनी इच्छा होती है। पार्टी को इससे कोई मतलब नहीं। उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि हम किसी का नुकसान नहीं करते हैं। पर उनकी बातों से आश्चर्य हुआ है। राजनीति में सबकी अपनी ख्वाहिश होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी दल मिलकर आगे की रणनीति पर काम करें, हम तो मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सात पार्टी के लोग एक साथ हैं और सब काम कर रहे हैं। संवाददाताओं के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि किस पार्टी ने उनको राज्य सभा में भेजा, जदयू ने ही उन्हें बिहार विधान परिषद में भेजा। हमको आश्चर्य लग रहा है, इनके बयानों पर। इसलिए आप मत पूछिए जदयू के लिए इन बातों का कोई मतलब नहीं है। वहीं उपेंद्र कुशवाहा के सामने आकर बात करने की चुनौती पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा बात करेंगे तो हम क्यों नहीं करेंगे? हम बात करने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने लिए कोई काम नहीं करते हैं। इस दौरान नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि अगर कोई पार्टी छोड़कर चला भी जाता है तो हमारा उससे प्रेम कम नहीं होता है। उपेंद्र कुशवाहा के द्वारा संतान पर दिये गये  बयान पर नीतीश कुमार बोले कि वे बहुत दुखी हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें पता नहीं है क्या क्या बोलता है? उन्होने कहा कि हम तो उनकी इज्जत करते हैं। पर वे संतान की बात कर रहें हैं। आप लोगों से आग्रह है कि आज के बाद उपेन्द्रजी को लेकर कोई सवाल नहीं पूछियेगा। उनके बयान का जदयू के लिए किसी तरह का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने तो पहले की कहा था कि जब वे उनके साथ आये तो पूरी पार्टी ने उनका स्वागत और सम्मान किया। अगर वे पार्टी में रहना चाहतें हैं तो भी ठीक है और अगर कहीं जाना चाहे तो भी उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद भी अगर वे इस तरह का बातें कर रहें हैं तो फिर उसका कोई मतलब नहीं है। हर कोई जानता है कि 2020 में हमारे सहयोगी दल ने हमारे साथ धोखा दिया था। जिसकी वजह से हमारी सीटे कम हो गई। अगर जदयू कमजोर हो रही थी तो आप 2021 में हमारे साथ क्यों आये? नीतीश कुमार ने कहा कि पार्टी के नेताओं को तो हम सम्मान करते हैं हमारा तो प्रेम का भाव रहा है। इन सब चीजों का कोई महत्व हम नहीं देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की सदस्यता अभियान पहले की तुलना बढ़ी है। हम किसी का ना तो नुकसान करते हैं और ना ही अपना लाभ लेते हैं। हमेशा समाज के उत्थान के लिए काम करते हैं और करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चाई है कि हमारे कहने पर इन्हें(उपेन्द्र) शामिल किया गया था। पार्टी के लोग इन्हें शामिल करना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी किये तो कुछ लोग मेरे खिलाफ हो गया। कांग्रेस की भारत छोड़ो यात्रा में शामिल होने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम है। कोई भी पार्टी अपना काम कर रही है। अपनी यात्रा निकाल रही है, यह उनका अधिकार है। हम तो यात्रा के समापन का इंतजार कर रहे हैं। जिसके बाद सब पार्टी के लोग एक साथ बैठेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। नीतीश ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार है। सात पार्टी के लोग मिलकर सरकार चला रहे हैं। देशभर के लिए भी काम करना है ऐसे में हम सब मिलकर इस संबंध में बातचीत करेंगे।

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