ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सुरक्षा अधिकारी को सम्मान, परिजनों के लिए बड़ी राहत
राज्य में आयोजित एक बड़े सांस्कृतिक और लोक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ड्यूटी के समय मृत्यु हो जाने से प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। यह घटना उस समय सामने आई जब आयोजन स्थल पर भारी भीड़ मौजूद थी और अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा भीड़ नियंत्रण की अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे।
घटना के बाद पुलिस विभाग और राज्य सरकार ने इसे कर्तव्य के दौरान दिया गया बलिदान माना है। पुलिस मुख्यालय की ओर से घोषणा की गई कि दिवंगत अधिकारी को आधिकारिक रूप से सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस फैसले को पुलिस बल के मनोबल और कर्मचारियों के प्रति राज्य की संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन ने मृतक अधिकारी के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार को भविष्य में किसी भी प्रकार की आर्थिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही सरकार ने परिजनों में से एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्त करने का निर्णय भी लिया है, ताकि परिवार को स्थायी सहारा मिल सके।
जानकारी के अनुसार, दिवंगत अधिकारी अपने करियर के अंतिम चरण में थे और कुछ ही समय बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। इसके बावजूद उन्होंने जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय ड्यूटी को प्राथमिकता दी। सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अनुशासनप्रिय, कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित पुलिसकर्मी बताया।
घटना के बाद पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कई अधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की क्षति नहीं, बल्कि पूरी पुलिस फोर्स के लिए अपूरणीय नुकसान है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह के बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की सुरक्षा को लेकर नई गाइडलाइंस और सख्त मानक तय किए जाएंगे। दिवंगत अधिकारी की सेवा और बलिदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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