सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों में स्थित परमहंस श्री योग दरबार कुटिया शांत सरोवर में 32वें वार्षिक सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में संत सुखदेवानंद महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत सुखदेवानंद महाराज ने मानव जीवन में सेवा, सत्कर्म और प्रभु भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग से मन को शांति और जीवन को सही दिशा मिलती है। वर्तमान समय में मनुष्य को अध्यात्म और सत्संग से जुड़कर जीवन को सही दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने सेवा, सदाचार और प्रभु स्मरण को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि सत्संग से मन को शांति तथा समाज में सकारात्मकता का संचार होता है। उन्होंने कहा कि सत्संग हमें सही सोच, शुद्ध आचरण और सकारात्मक दृष्टि देता है। संतों का संग मन को शांति देता है, अहंकार घटाता है और सेवा-भाव जगाता है। सत्संग से विवेक बढ़ता है, भटकाव मिटता है और जीवन सही दिशा में आगे बढ़ता है। कथा का श्रवण भी जीवन को सत्संगी बनाती है और प्रभु के करीब पहुंचाती है। कथा सुनने से जहां मन प्रसन्न होता है, वहीं दूसरी ओर जीवन में मुसीबतों के समय भी हिम्मत नहीं हारते हुए हर स्थिति से निपटने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सभी कालों के महापुरुषों ने आत्म-कत्याण के लिये सत्संग को सर्वोत्तम सामन बतलाया हैं। वैसे तो प्रत्येक सज्जन की संगति लाभदायक होती है, पर जिन सद्पुरुषों ने अपने जीवन को परोपकार और ईश्वर-चिन्तन में ही लगा रखा है और सांसारिक प्रपन्चों को त्याग दिया है, उनके उपदेश सुनने तथा उनके समीप बैठने से मनुष्य के विचारों और आचार में निर्मलता को वृद्धि विशेष रुप से हो सकती है। सत्संग के प्रभाव से ही मनुष्य को ज्ञान की प्राप्ति होकर कल्याण मार्ग का दर्शन हो सकता है। इस मौके पर डॉ रामचंद्र माटा, डॉ राजेंद्र भाटिया, डॉ तारा चंद भाटिया, सक्षम भाटिया, सरोज भाटिया, हिमांशु माटा, पिंकी गाबा, आरती शर्मा, हिमांशु भाटिया, गीतू भाटिया, डिंपल भाटिया, योगिता भाटिया, निधि, सरोज माटा, परवीन सहित काफी तादाद में श्रद्धालु मौजूद थे।
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