राजद के एम-वाइ में कमजोर पड़ रहा है एम

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महेश कुमार सिन्हा

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एम-वाइ (मुस्लिम-यादव) फैक्टर उसका मजबूत जनाधार रहा है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव राज्य में मुसलमानों  के बड़े हिमायती माने जाते हैं। मुस्लिम समाज भी उन्हें अपना लोकप्रिय नेता मानता है। लालू पहले अपनी सरकार हो या संगठन मुसलमानों को काफी तरजीह देते थे। लेकिन किडनी प्रत्यारोपण के लिए सिंगापुर जाने से पूर्व उन्होंने संगठन में जो फेरबदल किया है, उससे तो यही लगता है कि मुसलमानों पर लालू का भरोसा कम हुआ है। लालू के सिंगापुर जाने के बाद उनके हस्ताक्षर से पुनर्गठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी, केन्द्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की सूची जारी की गयी है। पार्टी की ओर से जारी सूची में मुस्लिम नेताओं का प्रतिनिधित्व पहले की तुलना में कम है।राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मुख्य 53 सदस्यों में सिर्फ एक प्रमुख नाम डा. अशफाक करीम का है। केन्द्रीय संसदीय बोर्ड के 11 सदस्यों में सिर्फ एक और राज्य संसदीय बोर्ड के 15 सदस्यों में दो मुस्लिम नेता हैं। लालू के करीबी अब्दुल बारी सिद्दीकी पहले की तरह प्रधान महासचिव के पद पर बरकरार हैं। इसके अतिरिक्त वह दोनों बोर्ड के भी सदस्य हैं। सिद्दीकी के अलावा राज्य संसदीय बोर्ड  में तनवीर हसन का नाम है। इस पूरी सूची से कभी लालू के खासमखास रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब का नाम गायब है। जबकि  वह पिछली राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ-साथ केन्द्रीय  संसदीय बोर्ड की भी सदस्य थीं। जानकार सूत्रों के अनुसार हिना शहाब पर यह आरोप है कि हाल में  हुए गोपालगंज उपचुनाव में पार्टी की हार का कारण वही रही हैं। सूत्रों की माने  तो गोपालगंज में पार्टी की हार का कारण जो भी रहा हो, चुनाव  के वक़्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दो बोर्डों मे से भी किसी में मरहूम मो.शहाबुद्दीन की पत्नी का नाम नहीं होने  से अकलियतों के बीच गलत संदेश गया है। इससे कुढ़नी उपचुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार को नुकसान  हो सकता है। गौरतलब है कि गोपालगंज उपचुनाव में राजद उम्मीदवार की हार 1700 वोटों से हुई थी, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार को 12 हजार से ज्यादा वोट पड़े थे। कुढ़नी में भी  ओवैसी ने अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। वहां पांच दिसंबर को वोट पड़ने वाले हैं।

लेखक : न्यूजवाणी के बिहार के प्रधान संपादक हैं और यूएनआई के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं

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