रील बनाने के चक्कर में अनुशासन तार-तार, सरकारी शिक्षण संस्थान में तोड़फोड़
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की होड़ ने एक बार फिर शिक्षा के मंदिर को शर्मसार कर दिया। जिले के एक सरकारी महाविद्यालय में कुछ युवकों ने वायरल रील बनाने के लिए परिसर में जमकर उत्पात मचाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्र खुलेआम कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए कैमरे के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि युवकों ने जानबूझकर एक चर्चित हरियाणवी गीत को बैकग्राउंड में चलाया और उसी के अनुरूप आक्रामक अंदाज में रील शूट की। इस दौरान कक्षाओं के फर्नीचर, दरवाजों और अन्य संसाधनों को नुकसान पहुंचाया गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस पूरी हरकत के दौरान आसपास मौजूद अन्य छात्र असहज और भयभीत नजर आए, जिससे कॉलेज का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ।
घटना सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर वीडियो के आधार पर छात्रों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और शैक्षणिक परिसर में इस तरह का व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसमें निलंबन और कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर त्वरित प्रसिद्धि पाने की चाह में युवा अपनी सीमाएं भूलते जा रहे हैं। रील और लाइक्स की दौड़ ने जिम्मेदारी और अनुशासन को पीछे छोड़ दिया है। ऐसे मामलों से न केवल संस्थानों की छवि धूमिल होती है, बल्कि अन्य छात्रों पर भी गलत प्रभाव पड़ता है।
प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही उपयोग के प्रति जागरूक करें। कॉलेज परिसर को मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कार का केंद्र बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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