सीएम और DMER को पत्र लिखकर 5 साल की शर्त कम करने की अपील
Federation of Resident Doctors Association (FORDA) ने एमबीबीएस बॉन्ड पॉलिसी को लेकर एक छात्र के समर्थन में आवाज उठाई है। संगठन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और Directorate of Medical Education and Research Haryana को पत्र लिखकर बॉन्ड अवधि पांच वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने की मांग की है।
FORDA का कहना है कि लंबी बॉन्ड अवधि से युवा डॉक्टरों के करियर और उच्च शिक्षा की योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संगठन के अनुसार, मौजूदा नीति में संशोधन कर इसे व्यावहारिक और संतुलित बनाया जाना चाहिए, ताकि सरकारी सेवा की आवश्यकता और डॉक्टरों के पेशेवर विकास के बीच संतुलन कायम रहे।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि कई राज्यों में बॉन्ड अवधि अपेक्षाकृत कम है, जिससे वहां के छात्रों को आगे की पढ़ाई और विशेषज्ञता हासिल करने में सहूलियत मिलती है। FORDA ने आग्रह किया है कि राज्य सरकार इस विषय पर पुनर्विचार कर सकारात्मक निर्णय ले।
सूत्रों के अनुसार, यह मुद्दा हाल के दिनों में मेडिकल छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ छात्र संगठनों ने भी बॉन्ड शर्तों में ढील देने की मांग की है।
फिलहाल सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि इस पर पुनर्विचार होता है तो इसका असर राज्य के मेडिकल शिक्षा ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।
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