गरीबों के अधिकारों पर हमला, कांग्रेस का बड़ा आरोप
हरियाणा के भिवानी में मनरेगा को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि रोजगार से जुड़ी इस योजना को कमजोर कर गरीबों से उनका हक छीना जा रहा है। कांग्रेस के प्रदेश सह-प्रभारी ने भिवानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियां आम आदमी और ग्रामीण गरीबों के खिलाफ हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि महात्मा गांधी की सोच पर आधारित इस रोजगार योजना का उद्देश्य गांवों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक रोजगार देना था, लेकिन भाजपा सरकार लगातार इसके बजट और कामकाज को सीमित कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान में देरी, काम के दिनों में कटौती और तकनीकी अड़चनों के जरिए जानबूझकर योजना को निष्क्रिय बनाया जा रहा है।
प्रदेश सह-प्रभारी ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। इसके कमजोर होने से सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने इसे गांधीवादी विचारधारा को खत्म करने की साजिश करार देते हुए कहा कि सरकार ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जिससे गांवों से रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं और पलायन बढ़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए गरीबों की योजनाओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत मिलने वाले काम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, लेकिन भाजपा सरकार इसे बोझ समझ रही है। यही कारण है कि योजना को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मनरेगा को पूरी मजबूती के साथ लागू करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने गरीबों के हितों की अनदेखी जारी रखी तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ राजनीतिक व जनआंदोलन दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रहेगा।
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