गुरुग्राम में नवजात को लेकर बड़ा विवाद, अस्पताल प्रबंधन ने जताई तस्करी की आशंका

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Minor Rape Case

नाबालिग पीड़िता के बच्चे पर सवाल, अस्पताल संचालक का दावा– फर्जी महिला को मां बनाकर भेजा गया

हरियाणा के गुरुग्राम में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता से जुड़े नवजात शिशु को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। मामला तब तूल पकड़ गया, जब संबंधित अस्पताल के संचालक ने आरोप लगाया कि बच्चे को लेने के लिए जो महिला भेजी गई थी, वह असली मां नहीं थी। अस्पताल प्रबंधन ने इस पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए आशंका जताई है कि इसके पीछे चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसा गंभीर अपराध हो सकता था।

अस्पताल संचालक के अनुसार नाबालिग पीड़िता ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। बाद में कुछ लोग एक महिला को साथ लेकर पहुंचे और उसे बच्चे की मां बताते हुए नवजात को सौंपने का दबाव बनाया। हालांकि दस्तावेजों और बयानों में विरोधाभास सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन को संदेह हुआ। संचालक का कहना है कि यदि समय रहते सतर्कता नहीं बरती जाती तो बच्चे को गलत हाथों में सौंपा जा सकता था।

मामले में अस्पताल संचालक ने पीड़िता के साथ रहने वाली एक लेडी पार्टनर की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि पूरी योजना किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकती है, जिसमें नवजात को अवैध रूप से कहीं और भेजने की कोशिश की जा रही थी। इसी संदेह के चलते अस्पताल प्रशासन ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और बाल संरक्षण से जुड़े विभाग सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों ने बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे संरक्षण में लिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को लेने आए लोग कौन थे, उनके इरादे क्या थे और कहीं इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ तो नहीं है।

इस घटना ने एक बार फिर नाबालिग पीड़िताओं और नवजात बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

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