खेल राज्यमंत्री से जुड़े मामले में हाईकोर्ट से साक्ष्य गायब होने का आरोप
खेल राज्यमंत्री से जुड़े एक विवादित मामले में डिजिटल सबूतों के गायब होने का गंभीर आरोप सामने आया है। यह खुलासा एक पूर्व मंत्री द्वारा की गई शिकायत में किया गया है, जिसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट में प्रस्तुत किए जाने वाले अहम साक्ष्य रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। शिकायत के अनुसार, एक पेन ड्राइव में मौजूद वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य मामले की जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे, लेकिन अब वे उपलब्ध नहीं हैं।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया है कि संबंधित पेन ड्राइव में कई वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो क्लिप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज मौजूद थे, जो शिकायत के तथ्यों को प्रमाणित कर सकते थे। उनका कहना है कि यह पेन ड्राइव कानूनी प्रक्रिया के तहत जमा कराई गई थी, लेकिन अब उसके गायब होने से पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि डिजिटल साक्ष्य आज के समय में किसी भी जांच का अहम आधार होते हैं। ऐसे में सबूतों का इस तरह से गायब होना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि किसी साजिश की ओर भी इशारा कर सकता है। पूर्व मंत्री ने आशंका जताई है कि सबूतों को जानबूझकर हटाया या नष्ट किया गया हो सकता है, ताकि सच्चाई सामने न आ सके।
उन्होंने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही यह भी आग्रह किया है कि यह पता लगाया जाए कि पेन ड्राइव किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में गायब हुई। यदि इसमें किसी अधिकारी या व्यक्ति की भूमिका पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि अदालत में पेश किए गए डिजिटल साक्ष्य गायब होते हैं, तो यह न्यायिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इससे न केवल संबंधित केस प्रभावित होता है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।
फिलहाल इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और क्या वास्तव में डिजिटल सबूतों के गायब होने की गुत्थी सुलझ पाती है या नहीं।
![]()











