नागक्षेत्र में अमावस्या पर स्नान करने से पितर दोष से मिलती है मुक्ति: संजीव गौतम

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Nagkshetra Sarovar
जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष संजीव गौतम व अन्य।

19 को स्नान, हवन व नागक्षेत्र परिक्रमा का कार्यक्रम

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद के तत्वावधान में नगर के पौराणिक महाभारतकालीन नागक्षेत्र सरोवर पर अब हर अमावस को स्नान, ध्यान, हवन व तीर्थ परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में नगर की अन्य सभी धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। आगामी 19 दिसंबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही है। संस्था के अध्यक्ष संजीव गौतम ने बताया कि सफीदों का यह नागक्षेत्र सरोवर व मंदिर करीब 5000 वर्ष पुराना है और अपने आप में एक वृहद इतिहास समेटे हुए हैं। बीच में कुछ ऐसा समय आया कि यह तीर्थ अपनी पहचान खोता चला गया लेकिन अब धीरे-धीरे अपने पुराने गौरव की ओर लौट रहा है। यहां पर हर वर्ष बड़े-बड़े धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। यहां पर काल सर्व दोष का निवारण के लिए अनुष्ठान होते हैं। यहां की देव दीपावली अत्यंत दृश्नीय होती है। कार्तिक मास में सैंकड़ों लोग यहां पर आकर स्नान व पूजन करते हैं। इसके अलावा धार्मिक व सामाजिक कार्य होते रहते हैं। अब पुरातन परपंरा को जीवित करते हुए यहां पर अमावस्या पर स्नान किया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि यहां पर एक वर्ष की 12 अमावस्या पर स्नान करने से व्यक्ति व परिवार का पितर दोष समाप्त हो जाता है। उन्होंने बताया आगामी 19 दिसंबर को सुबह 7 बजे सबसे पहले स्नान, उसके उपरांत हवन व तदोपरांत सरोवर की सुमधुर भजनों के साथ परिक्रमा की जाएगी। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे परिवार सहित इस धार्मिक आयोजन में शिरकत करके पुण्य लाभ कमाएं।

 

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