सफीदों, (एस• के• मित्तल) : अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद के तत्वावधान में नगर के पौराणिक एवं महाभारतकालीन नागक्षेत्र सरोवर पर अमावस्या के पावन अवसर पर स्नान, हवन एवं तीर्थ परिक्रमा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में नगर की विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि समाजसेवी योगेश गर्ग ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धालुओं द्वारा नागक्षेत्र सरोवर में विधिवत स्नान से हुई। स्नान उपरांत नागक्षेत्र मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशाल हवन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान के नाम का जाप करते हुए नागक्षेत्र सरोवर की परिक्रमा की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। अपने संबोधन में समाजसेवी योगेश गर्ग ने कहा कि संस्था द्वारा लोगों को अपनी पुरातन संस्कृति व धर्म ध्यान से जोड़ने का यह अनूठा कार्य किया जा रहा है।
नागक्षेत्र सरोवर मंदिर में हवन करते हुए श्रद्धालुगण।
जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। इस प्रयास के माध्यम से ऐतिहासिक नागक्षेत्र तीर्थ अपने पुरातन वैभव को पुन: प्राप्त करेगा। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष संजीव गौतम ने संबोधित करते हुए कहा कि सफीदों का नागक्षेत्र सरोवर और मंदिर लगभग 5000 वर्ष पुराना है, जो अपने भीतर एक गौरवशाली और ऐतिहासिक विरासत समेटे हुए है। पुरातन परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए अमावस्या पर स्नान की शुरुआत की गई है, जो आगे भी निरंतर जारी रहेगी। मान्यता है कि लगातार 12 अमावस्या पर यहां स्नान करने से पितृ दोष समाप्त होता है। लगातार यहां हो रहे कार्यक्रमों से नागक्षेत्र तीर्थ एक बार फिर आस्था और परंपरा का केंद्र बन रहा है।