प्रदर्शन पर प्रशासन की सख्ती; बस सेवाएं और बाजार खुले रहे
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान के बीच नूंह जिले में इसका खास असर देखने को नहीं मिला। प्रशासन की पूर्व तैयारियों और सख्ती के चलते जनजीवन सामान्य बना रहा। बाजार खुले रहे और सरकारी दफ्तरों में भी नियमित कार्य होता रहा।
जिला प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की इजाजत नहीं दी जाएगी। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई थी और प्रमुख चौराहों व बस अड्डों पर निगरानी रखी गई। अधिकारियों का कहना है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता थी।
रोडवेज बसों का संचालन भी सामान्य रूप से जारी रहा। यात्रियों को किसी प्रकार की बड़ी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी निर्धारित रूटों पर बसें चलीं और ड्राइवर-कंडक्टर ड्यूटी पर मौजूद रहे।
हालांकि कुछ स्थानों पर सांकेतिक रूप से समर्थन जताने की कोशिश हुई, लेकिन बड़े स्तर पर कोई प्रदर्शन नहीं हुआ। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
स्थानीय व्यापारियों ने भी कहा कि वे अपनी दुकानों को बंद रखने के पक्ष में नहीं थे, इसलिए रोजमर्रा की गतिविधियां चलती रहीं।
कुल मिलाकर, जिले में हड़ताल का प्रभाव सीमित रहा और प्रशासन की तैयारियों के चलते सामान्य माहौल बना रहा।
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