नीतीश कुमार जिद्दी नेता, शराबबंदी उनकी जिद का परिणाम : जीतन राम मांझी

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महेश कुमार सिन्हापटना । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए उन्हें जिद्दी करार दिया है। उन्होंने कहा कि वे (नीतीश कुमार) जो करने की ठान लेते हैं, उसे पूरा करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते। मांझी ने तल्ख तेवर में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इससे कोई मतलब नहीं है कि इसका परिणाम क्या होगा। इसी प्रक्रिया में पूरी समस्या झूल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने शराबबंदी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिद का परिणाम बताया। बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मांझी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार ने इसमें ताड़ी को शामिल कर सबसे बड़ी गलती की है। ताड़ी शराब नहीं है, यह प्राकृतिक जूस है। जिससे कई परिवारों का गुजारा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिये ताड़ी को शराब की कैटेगरी से अलग करे, जिससे पिछड़े और गरीब वर्ग के लोगों को रोजगार मिल सके।  उन्होंने कहा कि महागठबंधन की राय चाहे जो भी हो, लेकिन मेरी राय इन सबसे अलग है। मांझी ने कहा कि कई गरीब ऐसे हैं जो ताड़ी बेचकर ही अपना घर चलाते हैं, उनका रोज़गार छीन जाएगा। ताड़ी से लॉ एंड आर्डर खराब नहीं होता है। ताड़ी बंद करना उचित नहीं है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री से जब कुढ़नी उपचुनाव को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि महागठबंधन की जीत तय है। लेकिन एक औपचारिकता के तहत हम वहां चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज तेजस्वी यादव और ललन सिंह भी कुढ़नी गये हैं। उन्होंने मुझसे भी वहां चलने के लिए कहा, जिसके बाद मैंने भी चुनाव प्रचार की तैयारी की है। मांझी ने कहा कि भाजपा के बड़े बोल का इस चुनाव में कोई फायदा नहीं होने वाला है। बिहार में भाजपा की ओर से निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता के दुरुपयोग पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर उठाए सवाल पर उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू है, लेकिन निकाय चुनाव नहीं होने के बाद यह निश्चित है कि बिहार में आचार संहिता शिथिल है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आचार संहिता को लेकर यह समझना मुश्किल है कि इसका आधार क्या है।

महेश कुमार सिन्हा

पटना । बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए उन्हें जिद्दी करार दिया है। उन्होंने कहा कि वे (नीतीश कुमार) जो करने की ठान लेते हैं, उसे पूरा करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते। मांझी ने तल्ख तेवर में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इससे कोई मतलब नहीं है कि इसका परिणाम क्या होगा। इसी प्रक्रिया में पूरी समस्या झूल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने शराबबंदी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिद का परिणाम बताया। बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मांझी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार ने इसमें ताड़ी को शामिल कर सबसे बड़ी गलती की है। ताड़ी शराब नहीं है, यह प्राकृतिक जूस है। जिससे कई परिवारों का गुजारा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिये ताड़ी को शराब की कैटेगरी से अलग करे, जिससे पिछड़े और गरीब वर्ग के लोगों को रोजगार मिल सके।  उन्होंने कहा कि महागठबंधन की राय चाहे जो भी हो, लेकिन मेरी राय इन सबसे अलग है। मांझी ने कहा कि कई गरीब ऐसे हैं जो ताड़ी बेचकर ही अपना घर चलाते हैं, उनका रोज़गार छीन जाएगा। ताड़ी से लॉ एंड आर्डर खराब नहीं होता है। ताड़ी बंद करना उचित नहीं है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री से जब कुढ़नी उपचुनाव को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि महागठबंधन की जीत तय है। लेकिन एक औपचारिकता के तहत हम वहां चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज तेजस्वी यादव और ललन सिंह भी कुढ़नी गये हैं। उन्होंने मुझसे भी वहां चलने के लिए कहा, जिसके बाद मैंने भी चुनाव प्रचार की तैयारी की है। मांझी ने कहा कि भाजपा के बड़े बोल का इस चुनाव में कोई फायदा नहीं होने वाला है। बिहार में भाजपा की ओर से निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता के दुरुपयोग पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर उठाए सवाल पर उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू है, लेकिन निकाय चुनाव नहीं होने के बाद यह निश्चित है कि बिहार में आचार संहिता शिथिल है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आचार संहिता को लेकर यह समझना मुश्किल है कि इसका आधार क्या है।

लेखक : न्यूजवाणी के बिहार के प्रधान संपादक हैं और यूएनआई के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं

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