शराबबंदी के नाम पर बिहार के नायक नहीं हो सकते नीतीश कुमार : विजय सिन्हा

Desk Editor
Desk Editor 4 Min Read

पटना : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने  कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश भले हैं, लेकिन फैसले तेजस्वी यादव ही ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब कांड के आरोपियों को ही जांच का जिम्मा दिया जा रहा है। विजय सिन्हा ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में  संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सत्तारूढ़ दल के विधान पार्षद ही उपमुख्यमंत्री के शराब पीने की जानकारी दे रहे हैं, हिम्मत है तो मुख्यमंत्री एक्शन लें? उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के विधायक सदन में सरकार की पोल खोलने लगे तो विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी खुद राजद के प्रवक्ता के रूप में टोका-टोकी करने लगे। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की कि वे अपने कैबिनेट और अपने आस-पास के पदाधिकारियों का ब्लड टेस्ट करवाएं। जिससे यह पता चल जाएगा कि कितने लोग शराब पीते हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार शराबबंदी के नाम पर पूरे बिहार के नायक नहीं बन सकते। विजय सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि 5 दिनों के शीतकालीन सत्र में विपक्ष ने जनता के सवाल उठाए, लेकिन जवाब नहीं मिला। विधायकों से दुर्व्यवहार करने के क्रम में विधानसभा अध्यक्ष राजद प्रवक्ता बन गए। पद की गरिमा भूल विपक्ष के एक भी ध्यानाकर्षण को स्वीकार नहीं करना गलत है। कुर्सी के लिए हम मुख्यमंत्री को नियम के विपरीत समझौता करते देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग शराब से मर गए, उनपर मुख्यमंत्री का रुख और बयान- दोनों ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके विरोध कर में भाजपा विधानसभा परिसर में बुथवार  को 11 बजे दो घंटे धरना देगी। इस प्रदर्शन में भाजपा के सभी विधायक और विधान परिषद के सदस्य शामिल होंगे। ये धरना 2 घंटे तक होगी जिसका नेतृत्व विपक्ष के नेता विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी करेंगे। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि छपरा में जहरीली शराब पीने से 80 लोगों की मौतें हुई है। उनके परिजनों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। पहले सरकार उनके आश्रितों को मुआवजा दें। मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा के अंदर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत शुरू किया गया। कल राष्ट्रगीत क्यों नहीं हुआ? हमलोगों ने मिलकर आपत्ति दर्ज करायी है। जिसकी भी गलती हुई उस पर कार्रवाई की जाए। राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान का अपमान कतई स्वीकार नहीं होगा। सत्ता के लिए राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देने वाले लोग मां भारती को कतई स्वीकार नहीं है। इस मानसिकता का हम घोर विरोध करेंगे। हमलोग तो हर कार्यक्रम में जहां जाते हैं प्रयास रहता है कि राष्ट्रगान से कार्यक्रम शुरू हो और राष्ट्रगीत से इसका समापन हो। हर संवैधानिक पद पर बैठे लोग इसके माध्यम से हमारे युवा पीढी के मन के अंदर एक राष्ट्रबोध की प्रेरणा प्रदान करे।

Share This Article
Leave a comment