ट्रैप में फंसाकर कराई साइबर फ्रॉड ट्रेनिंग
पलवल जिले के दो युवकों के साथ विदेश में हुई हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां उन्हें नौकरी का झांसा देकर म्यांमार ले जाया गया और वहां बंधक बनाकर साइबर ठगी करवाने के लिए मजबूर किया गया। दोनों युवक किसी तरह जान बचाकर वापस भारत लौटे और अब उन्होंने पुलिस को पूरी कहानी बताई है।
पीड़ित युवकों के अनुसार, आरोपी ने उन्हें अच्छी सैलरी वाली नौकरी का प्रस्ताव दिया था और कहा था कि उन्हें विदेश में आईटी सेक्टर में काम मिलेगा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोनों युवक लालच में आ गए और उसके साथ चले गए। लेकिन जैसे ही वे म्यांमार पहुंचे, उनकी असलियत का सामना हुआ। वहां उनके पासपोर्ट छीन लिए गए और उन्हें एक बंद कंपाउंड में ले जाकर बंधक बना दिया गया।
उनके अनुसार, उन्हें साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग दी जाने लगी—जिसमें फर्जी प्रोफाइल बनाना, लोगों से पैसे ऐंठना, विदेशी नागरिकों को डिजिटल स्कैम में फंसाना जैसी तकनीकें शामिल थीं। युवकों ने बताया कि अगर वे इनकार करते तो उन्हें मारा–पीटा जाता और धमकाया जाता कि भागने की कोशिश की तो गोली मार दी जाएगी।
कई दिनों तक यातना सहने के बाद दोनों ने मौका देखकर वहां से भागने की योजना बनाई। एक रात वे सुरक्षा गार्ड की नजरें चकमा देकर बाहर निकले और स्थानीय लोगों की मदद से भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित भारत लाया गया।
भारत लौटकर युवकों ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी मानव तस्करी और साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हो सकता है और इस तरह की वारदातें उत्तर भारत के कई युवकों के साथ हो चुकी हैं। मामले की जांच साइबर सेल और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के साथ मिलकर की जा रही है।
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