पंचकूला के सरकारी डॉक्टरों ने नहीं देखे मरीज: करनाल विवाद को लेकर हड़ताल, आरोपी इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करने की मांग

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हरियाणा में करनाल में डॉक्टर और पुलिस के बीच हुए विवाद का असर अब दूसरे जिलों में भी दिखाई देने लगा है। इसी के विरोध में पंचकूला सहित कई जगहों के सरकारी डॉक्टरों ने मरीजों को नहीं देखा और हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों की मांग है कि करनाल में डॉक्टर के साथ कथित बदसलूकी करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर और अन्य कर्मियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया जाए।

जानकारी के अनुसार करनाल के घरौंडा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रशांत चौहान ने अस्पताल में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा के लिए पुलिस को फोन किया था। आरोप है कि फोन पर कहासुनी के बाद थाना प्रभारी (SHO) अपने साथ पुलिसकर्मियों को लेकर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर के साथ मारपीट की तथा उन्हें जबरन थाने ले गए।

इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद डॉक्टरों में भारी नाराजगी फैल गई। विरोध के बाद करनाल के एसपी ने आरोपी SHO दीपक कुमार को निलंबित कर दिया और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ निलंबन काफी नहीं है, बल्कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

डॉक्टरों के संगठन हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) के आह्वान पर कई जिलों के सरकारी डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया। हड़ताल के कारण ओपीडी, लैब, जच्चा-बच्चा सेवाएं और पोस्टमार्टम तक प्रभावित हुए, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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