पानीपत में न्यायालय ने एक नशा तस्करी से जुड़े मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी के बार-बार पेश न होने को गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद पुलिस प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी को कई बार अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वह लगातार अनुपस्थित रहा। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना मानते हुए कड़ा रुख अपनाया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत ने संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की जाए। यह भी कहा गया है कि तय समय सीमा का पालन न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट के निर्देशों का पालन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सख्त आदेश न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं और कानून के प्रति लोगों में जवाबदेही बढ़ाते हैं। फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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