हरियाणा के पानीपत में एक विवाहिता ने दहेज प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाते हुए अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। कई बार समझौते की कोशिशें भी की गईं, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
पीड़िता के अनुसार, शुरूआत में ससुराल वालों ने अतिरिक्त दहेज की मांग की और इसे लेकर लगातार दबाव बनाया। जब मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। महिला ने बताया कि परिवार की इज्जत और रिश्ते को बचाने के लिए उसने कई बार चुप्पी साधी और समझौता किया, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
महिला का आरोप है कि हालात इतने बिगड़ गए कि उसे मजबूर होकर कानूनी कदम उठाना पड़ा। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर इस घटना ने दहेज प्रथा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है। समाज के विभिन्न वर्गों ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए जागरूकता और सख्त कानून दोनों जरूरी हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पीड़िता न्याय की उम्मीद में है और यह मामला समाज में एक गंभीर संदेश दे रहा है कि अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
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