गैंगस्टर की रिहाई मामले में कोर्ट ने सुनाई जमानत

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Papla Gurjar case

पपला गुर्जर को पुलिस लॉकअप से छुड़ाने वाले आरोपी को मिली जमानत, बहरोड़ थाने पर फायरिंग का था आरोप

बहरोड़ थाना क्षेत्र में गैंगस्टर पपला गुर्जर को पुलिस लॉकअप से छुड़ाने के मामले में आरोपी को अदालत ने जमानत दे दी है। यह मामला कुछ समय पहले तब सुर्खियों में आया था, जब आरोपी ने AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग कर बहरोड़ थाने पर कब्जा करने और पपला गुर्जर को छुड़ाने की कोशिश की थी। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हथियार के दम पर लॉकअप में बंद पपला गुर्जर को छुड़ाने की योजना बनाई थी। फायरिंग के दौरान थाने के आसपास का क्षेत्र घेर लिया गया था और बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात करना पड़ा था। हालांकि, गैंगस्टर को तत्काल रिहा नहीं किया जा सका, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी में सफलता मिली थी।

अदालत में आरोपी ने जमानत के लिए आवेदन किया था। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपनी स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिति का हवाला दिया। कोर्ट ने यह मानते हुए कि आरोपी पहले से ही जमानत योग्य अपराधों में फंसाया गया है और जांच में सहयोग कर रहा है, उसे जमानत दे दी। अदालत ने आरोपी पर कुछ शर्तें भी लगाईं, जैसे पुलिस से नियमित हाजिरी और हथियार रखने से संबंधित प्रतिबंध।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमानत मिलने के बावजूद आरोपी पर नजर रखी जाएगी और मामले की जांच पूरी की जाएगी। AK-47 से फायरिंग जैसे गंभीर अपराध के लिए आरोपी को भविष्य में भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

वहीं स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में पुलिस और प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।

इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस ने आरोपी के अन्य सहयोगियों की पहचान करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं

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