“सार्वजनिक भूमि पर दोबारा अतिक्रमण, प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी नहीं थमा विवाद”

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pond land encroachment

करनाल में तालाब की जमीन पर कब्जे को लेकर फिर बढ़ा तनाव

हरियाणा के करनाल जिले में सार्वजनिक तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। प्रशासन द्वारा करीब 40 दिन पहले की गई कार्रवाई के बावजूद आरोपियों ने दोबारा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया। सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह जमीन गांव के तालाब से जुड़ी हुई है, जो राजस्व रिकॉर्ड में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज है। कुछ समय पहले कुछ लोगों द्वारा इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटवाया और मौके पर ताले लगवाए थे। उस समय स्थिति शांत हो गई थी, लेकिन अब एक बार फिर विवाद सामने आया है।

आरोप है कि देर रात कुछ लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन द्वारा लगाए गए ताले तोड़कर जमीन में घुस गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि समय रहते किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनी।

गांव के सरपंच ने इस पूरे मामले को लेकर पुलिस को शिकायत दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोग जानबूझकर सरकारी तालाब की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। सरपंच का कहना है कि तालाब गांव के लिए बेहद जरूरी है और उस पर कब्जा होने से जलभराव, पशुओं के पानी और अन्य सार्वजनिक जरूरतों पर असर पड़ेगा।

पुलिस ने सरपंच की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद दोबारा कब्जे की कोशिश क्यों की गई।

प्रशासन की ओर से भी कहा गया है कि सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और कोई अप्रिय घटना न हो।

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