सफीदों की ऐतिहासिक धरोहर पर ब्रह्माकुमारी का कब्जा!

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Public Park Encroachment

संजय रोज गार्डन की दीवार तोड़कर गेट लगाया, बेंच-पेड़ उखाड़े; 

एसडीएम ने कहा, करेंगे सख्त कार्रवाई

सफीदों (एस• के• मित्तल) : सफीदों शहर की ऐतिहासिक पहचान नागक्षेत्र सरोवर के साथ लगा संजय रोज गार्डन (संजय पार्क) अब कब्जे की चपेट में आ गया है। लाखों रुपये खर्च कर जिर्णोद्धार के बाद सुंदर बनाया गया यह पार्क, जहां ‘आई लव सफीदों’ सेल्फी प्वाइंट, शानदार गजिबो, बैठने की बेहतरीन व्यवस्था और मनमोहक चित्रकारी से सजी दीवारें शहरवासियों के गर्व का प्रतीक बनी थीं, अब बदहाली की ओर बढ़ रहा है। ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आश्रम ने पार्क की दीवार तोड़कर जबरन गेट लगा लिया है। साथ ही पार्क में लगी बेंचों को एक तरफ इकट्ठा कर दिया गया और पेड़-पौधों को उखाड़कर प्लॉट जैसा बना दिया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्रह्माकुमारी आश्रम ने दादागिरी दिखाते हुए यह कब्जा किया। पार्क में सैर करने आए एक नागरिक ने गुस्से में कहा, “यह सरासर उनकी दादागिरी है। पहले भी इस पार्क को उन्होंने बर्बाद किया था, अब जब नगर पालिका ने इसे दोबारा सुंदर बनाया तो फिर से वही खेल शुरू कर दिया।” आश्रम पक्ष ने कहा कि यहां उनके फंक्शन होते है। जब दीवार तोड़ी जा रही थी, तब पार्क में मौजूद लोगों ने विरोध किया और रोका भी, लेकिन आश्रम ने जबरदस्ती काम पूरा कर लिया।
एसडीएम ने कहा होगी सख्त कार्रवाई
मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने कहा, “संजय पार्क पूरी तरह पब्लिक प्रॉपर्टी है। कोई भी मनमाने ढंग से इसमें तोड़-फोड़ नहीं कर सकता। नगर पालिका सचिव को तत्काल नोटिस जारी करने और जवाब मांगने के निर्देश दिए हैं। किस आधार पर दीवार तोड़ी गई और गेट लगाया गया, इसकी जांच होगी। पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही मूल स्थिति बहाल करने के लिए दीवार दोबारा बनवाने और चित्रकारी का पूरा खर्चा वसूला जाएगा।”
नगर पालिका सचिव आशीष स्वामी ने फोन पर मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी कर उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शहरवासियों में इस घटना से रोष है। लोग मांग कर रहे हैं कि पार्क को जल्द से जल्द मूल रूप में बहाल किया जाए, ताकि नागरिकों की सैरगाह और शहर की शान बनी रहे। प्रशासन से उम्मीद है कि कब्जा जल्द हटेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

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