रात का पारा सामान्य से 1.6 डिग्री कम
पंजाब में सर्दी का असर लगातार तेज़ होता जा रहा है। बीते कुछ दिनों से तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, रात का पारा सामान्य से लगभग 1.6 डिग्री कम दर्ज किया गया है, जो इस मौसम के औसत से काफी नीचे है। वहीं फरीदकोट प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान ने सर्दी के नए रिकॉर्ड बना दिए।
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पराली जलाने की छिटपुट घटनाएं, वाहनों का धुआं और औद्योगिक उत्सर्जन मिलकर हवा की गुणवत्ता को लगातार खराब कर रहे हैं। कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब से बहुत खराब श्रेणी के बीच झूल रहा है, जिससे संवेदनशील समूहों के लिए बाहर निकलना जोखिमभरा हो गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में और कमी देखने को मिल सकती है। उत्तर की ओर से आ रही सूखी और ठंडी हवाएं रात के तापमान को प्रभावित कर रही हैं, जबकि दिन में हल्की धूप के बावजूद ठंडक बरकरार है। इसके अलावा, हवा की कम रफ्तार और नमी के कारण प्रदूषण जमीन के करीब जमा हो रहा है, जिससे स्मॉग की परत बन रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सुबह–शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। मास्क पहनने, गर्म कपड़े लगाने और जरूरत से ज्यादा समय बाहर न बिताने की अपील की गई है।
वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिलों में सख्ती बढ़ाने, पराली जलाने पर नियंत्रण, और औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
राज्य में सर्दी और प्रदूषण का संयुक्त असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन और नागरिक दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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