आम बजट से अलग करके पेश किया जाये रेल बजट : नीतीश कुमार

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश के आम बजट से रेलवे के बजट को अलग कर संसद में पेश किया जाए। नीतीश कुमार  अपनी समाधान यात्रा के तहत शुक्रवार को बिहार शरीफ में मीडियाकर्मियों से मुखातिब थे। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे रेल मंत्री हुआ करते थे तब रेल का जो बजट था, जब उसकी चर्चा होती थी तो रातभर हाउस चलता रहता था। जब रेल बजट पेश होता था तो उसकी कितनी चर्चा पूरे देश में होती थी। इतनी बड़ी चीज थी, हम तो कहेंगे की रेलवे का बजट अलग से करवाइए। नीतीश कुमार ने कहा कि हर किसी के जीवन में रेलवे का काफी महत्व है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार में जब रेल मंत्री का दायित्व मिला तो रेलवे का जितना हो सका विकास किया। रेलवे का विकास हो, खूब अच्छा हो जाए तो लोगों को और सहूलियत हो जाएगी। रेलवे में पहले ही तरह बहालियां भी होनी चाहिए, ये तो बहुत अच्छी बात है। मोदी सरकार द्वारा रेलवे में नौकरी दिये जाने के सवाल पर उन्होने कहा कि यह कौन नयी बात है। रेलवे मे नौकरी मिलती ही रहती है। मेरे समय में भी बहुत लोगों को मिली थी। वहीं जातिगत गणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उनकी सरकार का मनोबल बढ़ा है और इस गणना से काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने निकाय चुनाव को भी रोकने की कोशिश की थी, पर उनलोगों ने कोर्ट के आदेश के अनुसार चुनाव कराया और अभी नगर सरकार ने काम भी करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत से लोगों को लग रहा था कि, हम गणना नहीं करवाएंगे। यह तो सबके फायदे के लिए करवाया जा रहा है। हम तो पहले ही बता दिए हैं कि, यह जाति आधारित गणना है न कि जनगणना। हमलोग इससे जानना चाहते हैं कि बिहार के लोगों की आर्थिक स्तिथि क्या है? उसी के हिसाब से बजट भी लाया जाएगा।

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