धारूहेड़ा–बावल बॉर्डर से भाग निकलते हैं आरोपी, कार लूट और सरपंच पर हमले के तार जुड़े
रेवाड़ी जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के पीछे राजस्थान कनेक्शन सामने आ रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि धारूहेड़ा–बावल बॉर्डर बदमाशों के लिए ‘सेफ पैसेज’ बनता जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी इसी बॉर्डर के रास्ते राजस्थान में दाखिल हो जाते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है।
हाल के दिनों में हुई कार लूट, फायरिंग और जनप्रतिनिधियों पर हमले की घटनाओं में भी इसी बॉर्डर का इस्तेमाल किया गया। खासतौर पर सरपंच पर हुए हमले के मामले में पुलिस को ऐसे इनपुट मिले हैं कि हमलावर वारदात के तुरंत बाद राजस्थान की सीमा में फरार हो गए। कई मामलों में बदमाश हरियाणा में अपराध कर राजस्थान के अलवर और आसपास के इलाकों में शरण लेते हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां ट्रैफिक और बाहरी लोगों की आवाजाही ज्यादा रहती है। इसका फायदा अपराधी उठाते हैं। हाईवे, सर्विस रोड और कच्चे रास्तों का जाल बदमाशों को तेजी से बॉर्डर पार कराने में मदद करता है। कई बार पुलिस चेकिंग से बचने के लिए आरोपी रात के समय या सुनसान रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ गिरोह हरियाणा–राजस्थान दोनों राज्यों में सक्रिय हैं। ये गिरोह रेकी के लिए स्थानीय संपर्कों का सहारा लेते हैं और वारदात के बाद राज्य बदल लेते हैं। इससे केस की जांच लंबी खिंच जाती है और आरोपियों की पहचान में देरी होती है।
रेवाड़ी पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही है। बॉर्डर एरिया में संयुक्त नाकेबंदी, सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करने और संदिग्ध वाहनों की सख्त जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों राज्यों की साझा कार्रवाई से इन गिरोहों पर शिकंजा कसा जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते क्राइम से इलाके में डर का माहौल है। उन्होंने बॉर्डर क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और स्थायी चौकियां बनाने की मांग की है।
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