3 विधायकों का समर्थन होने का दावा; 7 का आंकड़ा जुटाने की बात, प्रदेश में दो सीटों पर होगा चुनाव
सरपंच ने उच्च सदन का चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें तीन विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वे जल्द ही सात विधायकों का समर्थन जुटा लेंगे।
पूर्व सरपंच का कहना है कि उन्होंने सामाजिक न्याय और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई थी, जिसके चलते उन्हें प्रदेशभर में व्यापक जनसमर्थन मिला। उनका कहना है कि वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने पर विचार कर रहे हैं और विभिन्न दलों के विधायकों से संपर्क साध रहे हैं।
प्रदेश में इस बार राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है, जिससे राजनीतिक समीकरण और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बना रहे हैं। ऐसे में किसी निर्दलीय दावेदार की एंट्री से समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से अभी आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरखाने बैठकों और समर्थन जुटाने की कवायद जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या और दलगत अनुशासन निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
पूर्व सरपंच की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि वे अपने समर्थन के दावों को किस हद तक वास्तविक समर्थन में बदल पाते हैं और चुनावी गणित पर इसका क्या असर पड़ता है।
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