40 दिन की पैरोल स्वीकृत, सजा के दौरान 15वीं बार रिहाई
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आएगा। हरियाणा सरकार द्वारा उसे 40 दिन की पैरोल दी गई है। यह सजा के दौरान राम रहीम को मिलने वाली 15वीं रिहाई बताई जा रही है। राम रहीम फिलहाल साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार हत्याकांड से जुड़े मामलों में सजा काट रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पैरोल की अवधि के दौरान राम रहीम सिरसा स्थित डेरा परिसर में ही रहेगा। प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। पिछली बारों की तरह इस बार भी राम रहीम को सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने और तय शर्तों का पालन करने को कहा गया है।
राम रहीम को इससे पहले भी कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है, जिसे लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दल और सामाजिक संगठन बार-बार यह मुद्दा उठाते रहे हैं कि गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को इतनी बार राहत देना न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, सरकार की ओर से हर बार यही दलील दी जाती है कि पैरोल कानूनी प्रक्रिया के तहत और नियमों के अनुसार दी जाती है।
डेरा समर्थकों में इस खबर के बाद उत्साह देखा जा रहा है, जबकि आलोचक इसे पीड़ितों के न्याय के साथ समझौता मान रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राम रहीम की हर रिहाई का सामाजिक और राजनीतिक असर भी देखने को मिलता है, खासकर सिरसा और आसपास के इलाकों में।
प्रशासन का कहना है कि पैरोल के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होगी। खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
गौरतलब है कि राम रहीम को 2017 में साध्वियों के यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया गया था, जबकि बाद में पत्रकार हत्याकांड में भी उसे सजा सुनाई गई। इन मामलों के बावजूद बार-बार मिलने वाली पैरोल अब एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।
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