दिल्ली कार ब्लास्ट मामला: NIA ने बारामूला के डॉक्टर को गिरफ्तार — ड्र. उमर को छिपाने व सबूत नष्ट करने का आरोप

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Red Fort blast

ऑपरेशन तेज़ — जांच में ‘हियत’ बढ़ती जा रही है;

गिरफ्तार किए गए आरोपी पर सुबूत नष्ट करने और पनाह देने के आरोप।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली में 10 नवंबर को हुए विनाशकारी कार ब्लास्ट की जांच के सिलसिले में नया मोड़ लाते हुए एक और गिरफ्तारी की घोषणा की है। एजेंसी ने उत्तर कश्मीर के बारामूला निवासी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला को हिरासत में लिया बताया जा रहा है। NIA ने कहा है कि उसपर आरोप है कि उसने सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर-उन-नबी को पनाह दी और जांच से जुड़े साक्ष्य नष्ट करने में मदद की।

यह गिरफ्तारी इस मामले में अब तक की गिनती में एक और चिह्न है — मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह मामला अब आठवीं गिरफ्तारी के रूप में दर्ज हुआ है। जांच अधिकारी कह रहे हैं कि गिरफ्तारी से नेटवर्क के और सदस्य और घटनाक्रम का समूह उजागर हो सकता है; इसलिए NIA की टीमों ने इलाके में छापे और जब्तियों की कार्रवाई भी तेज कर दी है।

पिछले हफ्तों में एजेंसी ने कई डिजिटल-फोरेंसिक और फील्ड ‘रीकंस्ट्रक्शन’ के आधार पर कई ठिकानों और संदिग्धों की पहचान कर ली थी। गिरफ्तार किए गए डॉक्टर की कस्टडी में पूछताछ और सबूतों का विश्लेषण जारी है; अदालत ने भी शुरुआत में रिमांड/कस्टडी से जुड़ी सुनवाई की कार्यवाही की सूचना दी गई है। मीडिया रिपोर्टर-स्रोतों के अनुसार, यह जांच एक व्यापक—कभी-कभी ‘व्हाइट-कॉलर’ मॉड्यूल के रूप में वर्णित—नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश है।

सरकारी जांच अभी जारी है और NIA ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य-आधारित कार्रवाई होगी। मामले में और गिरफ्तारी, तलाशी या फॉरेंसिक परिणाम सामने आने पर एजेंसी और पुलिस आगे की सूचनाएँ देंगी। प्रभावित इलाके और परिवारों के लिए यह तनाव की घड़ी बनी हुई है जबकि जांच प्रगाढ़ होती जा रही है

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