अति पिछड़ों का आरक्षण बरकरार, भाजपा बेकार में है बेकरार : विजय कुमार चौधरी

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महेश कुमार सिन्हापटना। जद (यू) के वरिष्ठ नेता तथा राज्य के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अति पिछड़ों का आरक्षण बरकरार है।ऐसे में भाजपा बेकार में बेकरार हो रही है।श्री चौधरी ने कहा कि अति पिछड़ों के लिए नगर निकाय चुनाव में आरक्षण के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए फिर से राज्य चुनाव आयोग ने नई तिथियां घोषित कर दी हैं। बिहार की जनता समझती है कि नीतीश सरकार अति पिछड़ों को अधिकार और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों की पहचान बनाकर उनके सामाजिक सशक्तिकरण का काम, जिसे कर्पूरी ठाकुर ने प्रारंभ किया था, आज नीतीश कुमार न सिर्फ उसे आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं, बल्कि और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप की बात पर भाजपा भ्रम फैलाने की लगातार कोशिश कर रही थी, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा कर दी थी कि राज्य सरकार अति पिछड़ों की हकमारी किसी रूप में नहीं होने देगी। अपनी नाकाम कोशिश से भाजपा अति पिछड़े समाज में बेनकाब हो चुकी है और इसके नेतागण बेचैनी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग सही में अति पिछड़े के शुभचिंतक होते तो सरकार ने जिस तरह अति पिछड़े के आरक्षण को बरकरार रखते हुए फिर से चुनाव कराने की पहल की है, इसका उन्हें स्वागत करना चाहिए था।वित्त मंत्री ने कहा कि दरअसल, अति पिछड़ों का सशक्त होना, इन्हें सुहाता ही नहीं है। ये लोग सांप्रदायिक तनाव और वैमनस्य फैलाकर विभाजनकारी नीतियों को आगे बढ़ाने में विश्वास रखते हैं। बिहार की जनता सब कुछ देख और समझ रही है।

महेश कुमार सिन्हा

पटना। जद (यू) के वरिष्ठ नेता तथा राज्य के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने गुरुवार को भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अति पिछड़ों का आरक्षण बरकरार है।ऐसे में भाजपा बेकार में बेकरार हो रही है।श्री चौधरी ने कहा कि अति पिछड़ों के लिए नगर निकाय चुनाव में आरक्षण के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए फिर से राज्य चुनाव आयोग ने नई तिथियां घोषित कर दी हैं। बिहार की जनता समझती है कि नीतीश सरकार अति पिछड़ों को अधिकार और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों की पहचान बनाकर उनके सामाजिक सशक्तिकरण का काम, जिसे कर्पूरी ठाकुर ने प्रारंभ किया था, आज नीतीश कुमार न सिर्फ उसे आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं, बल्कि और अधिक प्रभावी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप की बात पर भाजपा भ्रम फैलाने की लगातार कोशिश कर रही थी, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा कर दी थी कि राज्य सरकार अति पिछड़ों की हकमारी किसी रूप में नहीं होने देगी। अपनी नाकाम कोशिश से भाजपा अति पिछड़े समाज में बेनकाब हो चुकी है और इसके नेतागण बेचैनी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग सही में अति पिछड़े के शुभचिंतक होते तो सरकार ने जिस तरह अति पिछड़े के आरक्षण को बरकरार रखते हुए फिर से चुनाव कराने की पहल की है, इसका उन्हें स्वागत करना चाहिए था।वित्त मंत्री ने कहा कि दरअसल, अति पिछड़ों का सशक्त होना, इन्हें सुहाता ही नहीं है। ये लोग सांप्रदायिक तनाव और वैमनस्य फैलाकर विभाजनकारी नीतियों को आगे बढ़ाने में विश्वास रखते हैं। बिहार की जनता सब कुछ देख और समझ रही है।

लेखक : न्यूजवाणी के बिहार के प्रधान संपादक हैं और यूएनआई के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं

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